Aloe Vera Farming Business : 20 रुपये सालाना कमाएं एलोवेरा की खेती से, लाभ का पूरा विश्लेषण देंखे

Aloe Vera Farming Business : 20 रुपये सालाना कमाएं एलोवेरा की खेती से, लाभ का पूरा विश्लेषण देंखे : एलोवेरा ( Aloe Vera ) एक महत्वपूर्ण पौधा है जिसमें व्यापक व्यावसायिक ( Business ) अनुप्रयोग हैं। एलोवेरा अपने चिकित्सा और कॉस्मेटिक उपयोगों के कारण अंतरराष्ट्रीय और साथ ही घरेलू बाजार में काफी मांग में है। एलोवेरा का उपयोग आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही इसके उपचार और उपचार गुणों के कारण किया जाता रहा है।

Aloe Vera Farming Business

"<yoastmark

 

एलोवेरा अपने चिकित्सा और कॉस्मेटिक उपयोगों के कारण अंतरराष्ट्रीय और साथ ही घरेलू बाजार में काफी मांग में है। एलोवेरा ( Aloe Vera ) का उपयोग आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही इसके उपचार और उपचार गुणों के कारण किया जाता रहा है।

इसके अलावा, एलोवेरा की खेती ( Aloe Vera Farming ) लोकप्रियता प्राप्त कर रही है क्योंकि प्रति एकड़ लाभ सामान्य कृषि फसलों ( Crop ) की तुलना में बहुत अधिक है और इसके लिए बहुत कम प्रयास और रखरखाव की आवश्यकता होती है। इसकी उत्पत्ति दक्षिणी यूरोप, एशिया या अफ्रीका के शुष्क क्षेत्रों में मानी जाती है। एलो वेरा का भारत में व्यावसायिक ( Aloe Vera Farming Business ) रूप से सौंदर्य प्रसाधनों के साथ दवाओं के निर्माण के लिए उत्पादन किया जाता है।

मिट्टी और जलवायु आवश्यकताएँ

एलोवेरा की व्यावसायिक खेती ( Aloe Vera Farming Business ) शुष्क क्षेत्रों के साथ-साथ सिंचित मैदानों में भी की जा सकती है। यह राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में व्यावसायिक स्तर पर उगाया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बहुत कम पानी और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। एलोवेरा की बेहतर खेती ( Aloe Vera Farming ) के लिए सबसे उपयुक्त तापमान 20-22°C है। लेकिन यह पौधा कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रह सकता है।

एलोवेरा की सर्वोत्तम किस्में:

कुछ महत्वपूर्ण किस्मों की चर्चा नीचे की गई है।

I C। – 111271, आई.सी. – 111280, IC – 111269 और IC – 111273 का व्यावसायिक ( Business ) उत्पादन किया जा सकता है। इन किस्मों में पाए जाने वाले एलोडाइन की मात्रा 20 से 23% के बीच होती है।

अगर आप एलोवेरा की खेती ( Aloe Vera Farming ) बड़े पैमाने पर करना चाहते हैं तो करीब चार महीने पुराना 20-25 सेंटीमीटर लंबा पौधा चुनना सही है। एलोवेरा के पौधे की खासियत यह है कि इसे महीनों तक उखाड़ने के बाद भी लगाया जा सकता है।

उर्वरक की आवश्यकता:

एलोवेरा की खेती ( Aloe Vera Farming ) बंजर भूमि पर की जाती है और कम खाद में बेहतर उपज दे सकती है। लेकिन अच्छी उपज के लिए खेत की तैयारी करते समय प्रति हेक्टेयर 10-15 टन अच्छी तरह सड़ी गाय के गोबर का प्रयोग करना चाहिए, इससे उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि होती है।

सिंचाई और कीट नियंत्रण

पौधों को रोपने के बाद पानी दिया जाता है। इसकी सिंचाई ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर से की जाती है। इसे वर्ष में तीन से चार सिंचाई की आवश्यकता होती है। कीट नियंत्रण के लिए समय-समय पर खरपतवारों को खेत से हटा देना चाहिए। पौधों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।

Aloe Vera Farming Business लाभ विश्लेषण:

एलोवेरा की खेती ( Aloe Vera Farming ) के लिए बहुत कम निवेश की आवश्यकता होती है और यह उच्च रिटर्न प्रदान करता है। एक किसान ( Farmer ) 1 एकड़ भूमि में एलोवेरा के लगभग 60 हजार पौधे लगा सकता है और 1 एकड़ भूमि में एलोवेरा के उत्पादन की लागत लगभग 1.8 – 2 लाख रुपये है।

एलोवेरा के प्रत्येक पौधे से लगभग 3.5 किलोग्राम पत्तियां प्राप्त की जा सकती हैं और औसतन एक पौधे की पत्तियां 15-18 रुपये में बिकती हैं। इस ( Aloe Vera Farming Business ) तरह किसान आसानी से 8-10 लाख रुपये तक का लाभ कमा सकता है। उत्पादन लागत का लगभग 5 गुना।

आशा है कि आपको यह लेख मददगार और ज्ञानवर्धक लगा होगा! नीचे दी गई टिप्पणियों में हमें बताएं कि आप किस प्रकार की फसल की खेती के बारे में अधिक पढ़ना चाहते हैं।